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इस
योजनान्तर्गत गरीबी की रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले (बी0पी0एल0)
ग्रामीण परिवारों को नव आवास बनाने हेतु अंकन 35000/–रूपये अनुदान धनराशि
दो किस्तो में दी जाती है। बी0पी0एल0 परिवारो में से आवासविहीन परिवारों की
स्थाई प्रतीक्षा सूची बी0पी0एल0 सर्वे के आधार पर तैयार की गयी है। इसी सूची
में से पात्र परिवारों का चयन शासन द्वारा निर्धारित प्राथमिकता के आधार पर
गांव सभा द्वारा किया जाता है। तत्पश्चात सम्बन्धित ग्राम विकास अधिकारी
द्वारा चयनित परिवारों के बैक में बचत खाते खुलवाकर उनका आवेदन पत्र समस्त
औपचारिताएं पूर्ण करते हुए भरकर खण्ड विकास अधिकारी के माध्यम से जिला
ग्राम्य विकास अभिकरण को भेजा जाता है। जिला ग्राम्य विकास अभिकरण द्वारा
प्रथम किस्त के रूप में 26250/–रूपये लाभार्थी के बचत खाते मेें सीधे भेज
दी जाती है। इस धनराशि से लाभार्थी ग्राम विकास अधिकारी के मार्ग दर्शन में
शासन द्वारा स्वीकृत डिजाइन के अनुसार स्वयं आवास का निर्माण करता है।
प्रथम किस्त की धनराशि से लाभार्थी को शौचालय एवं आवास का निर्माण करना होता
है। प्रथम किस्त की धनराशि का उपभोग कर लेने के उपरान्त सम्बन्धित ग्राम
विकास अधिकारी द्वारा द्वितीय किस्त की अवमुक्ति की संस्तुति करते हुए मांग
पत्र खण्ड विकास अधिकारी के माध्यम से जिला ग्राम्य विकास अभिकरण को भिजवाया
जाता है। तत्पश्चात अभिकरण कार्यालय से द्वितीय किस्त के रूप में अवशेष
धनराशि लाभार्थी के बैंक खाते में हस्तान्तरित कर दी जाती है। शासन से
प्राप्त मार्ग निर्देशों के अनुसार 75 प्रतिशत लक्ष्यों का निर्धारण आवास
विहीन परिवारों की संख्या एवं शेष 25 प्रतिशत लक्ष्यों का निर्धारण
अनु0जाति की जनसंख्या के आधार पर किया जाता है। योजनान्तर्गत 60 प्रतिशत
अनु0जाति ,3 प्रतिशत विकलांग एवं 15 प्रतिशत अल्पसंख्यको को लाभान्वित कराने
का प्राविधान है। आवासविहीन परिवारों की स्थाई प्रतीक्षा सूची में से
प्राथमिकता क्रम के अनुसार लाभार्थियों को लाभान्वित कराया जाता है।
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