मुख्य पशु चिकित्साधिकारी,मुजफरनगर
1–कार्यालयाध्यक्ष का ई–मेल पता– शुन्य
विभागीय वेबसाइट का पता– Animal Husbandry U.P NIC.in
कार्यालय पता– मुख्य पशु चिकित्साधिकारी,
विकास भवन, मुजफरनगर ।
दूरभष– 0131–2621417
फैक्स– 0131–2440636
2–विभागाध्यक्ष का ई मेल पता– Director AHD @ Yahoo.com
विभागीय वेबसाइट का पता– Animal Husbandry U.P NIC.inद
मुख्यालय का पता– निदेशक, पशु पालन विभाग
बादशाहबाग, उ0प्र0, लखनऊ ।
फैक्स– 0522–2740202
दूरभाष– 0522–2740482
3–जन सूचना अधिकारी– मुख्य पशु चिकित्साधिकारी
विकास भवन, मुजफरनगर ।
सहायक सूचना अधिकारी– पशु चिकित्साधिकारी, सदर
पशु चिकित्सालय, मुजफरनगर ।
अपीलीय अधिकारी का नाम– उप निदेशक, पशु पालन विभाग
कपिल विहार, सहारनपुर मण्डल, सहारनपुर ।
4–पशु पालन विभाग द्वारा जनपद मुजफरनगर मे उ0प्र0 शासन के निर्देशानुसार पशु पालकों/कृषकों/भूमिहीनों के पशुओं के लिये स्वीकृत लाभकारी विभिन्न संचालित योजनाओं का विवरण–
(1)पशुओं में चिकित्सा की सुविधा की योजना
पशुपालकों के बीमार पशुओं की चिकित्सा की सुविधा विभाग के 48 पशु चिकित्सालयों, 8 द श्रेणी पशु औषधालय, 39– पशु सेवा केन्द्रों, 24 ग्राम समूह इकाई द्वारा निम्न विभागीय चिकित्सा शुल्क जैसे–बडे पशु–गाय, भैंस, बैल रू0 5.00, छोटे पशु–भेड, बकरी रू0 2.00, एवं कुत्ता, बिल्ली रू0 10.00 शुल्क लेकर पशुओं में चिकित्सा की सुविधा प्रदान की जाती है ।
(2)पशुओं में बधियाकरण की योजना
गाय के बछडों को बधिया कर बैल योग्य बनाया जाता है तथा बकरों में भी बधिया विभागीय शुल्क रू0 5.00 एवं प्रति बैल रू0 10.00 विभागीय शुल्क लेकर बधियाकरण की सुविधा प्रदान की जाती है ।
(3)पशुओं में रोगों की रोकथाम हेतु टीकाकरण की योजना
बरसात के मौसम में पशुओं में भंयकर बीमारियों का प्रकोप होने की सम्भावना रहती है । जिसकी रोकथाम हेतु बीमारियाँ पनपनें से पूर्व ही विभागीय संस्थाओं पर कार्यरत अधिकारियों/कर्मचारियों के द्वारा गलघोंटू, खुरपका–मुँहपका, आदि के नि:शुल्क टीकाकरण की सुविधा प्रदान की जाती है । जिससे कि प्रत्येक वर्ष कई हजार पशुओं की बीमारी होने से बचाया जाता है। वित्तीय वर्श 2009–10 तक खुरपका–मुँहपका रोग की रोकथाम के लिये भारत सरकार द्वारा नि:शुल्क टीकाकरण के आठ चरण पूर्ण हो चुके हैं।
(4)गौवंशीय तथा महिषवंशीय पशुओं में नस्ल सुधार हेतु कृत्रिम गर्भाधान की योजना
इस जनपद में विभागीय संस्थाओं पर कार्यरत स्टाफ के द्वारा पशुओं में नस्ल सुधार हेतु कृ0ग0 की योजनान्तर्गत विदेशी नस्ल के वीर्य द्वारा कृत्रिम गर्भाधान की सुविधा रूपये 30.00 शुल्क पर पशु पालकों को प्रदान की जाती है । यह योजना विभागीय संस्थाओं के अतिरिक्त विभाग द्वारा चयनित डोर इन्सीमीनेटर/पैरावेटस के द्वारा पशुपालकों के द्वार पर जाकर राजकीय शुल्क रूपये 40.00 प्राप्त कर कृत्रिम गर्भाधान द्वारा नस्ल सुधार की सुविधा प्रदान की जाती है ।
(5)सूकर प्रजनन की योजना
जनपद अन्तर्गत 8 पशु चिकित्सालयों बसेडा, ऊन, खतौली, गढीपुख्ता, कांधला, लालूखेडी, बघरा एवं बुढाना पर अच्छी नस्ल के सूकर सांडों के द्वारा पशु पालकों की सूकरियों में गर्भाधान का कार्य रूपये 1.00 विभागीय लेवी शुल्क प्राप्त कर कराया जाता है ।
(6)भेड प्रजनन की सुविधा की योजना
जनपद में विभागीय 6 भेड प्रजनन केन्द्रों–मोरना, खतौली, राजपुर–छाजपुर, शोरम, बुढाना एवं मीरापुर में भेड प्रजनन कार्य संचालित किये गये हैं। इन केन्द्रों पर 40–40 मुजफरनगरी नस्ल के उन्नतशील मेंढों द्वारा क्षेत्रीय भेड पालकों की भेडों में नि:शुल्क भेड प्रजनन की सुविधा प्रदान की जाती है। जिससे कि भेडों में अच्छे किस्म की ऊन अधिक मात्रा में प्राप्त होती है ।
(7)बकरी प्रजनन की योजना
जनपद में 16 पशु चिकित्सालयों पर 38 बकरे रखे गये हैं । जिसके माध्यम से उन्नत नस्ल के बकरों द्वारा बकरा/बकरी पैदा कराकर जनपद में गरीबी रेखा से नीचे/ऊपर के व्यक्तियों के व्यवसाय को बढावा दिया जाता है । जिससे की बकरियों की नस्ल में सुधार किया जाता है । इसकी लेवी विभाग द्वारा रूपये 2.00 प्राप्त की जाती है । जनपद मे जिन पशु चिकित्सालयों पर बकरे रखे गये हैं, उनके नाम निम्न प्रकार हैं:– मु0नगर, बसेडा, गढीपुख्ता, लिसाढ, शामली, शाहपुर, कांधला, जानसठ, मोरना, बुढाना, कैराना, पुरा, खतौली, थानाभवन, लालूखेडी, एवं बघरा ।
(8)ब्रायलर एवं लेयर्स पक्षियों के वितरण की योजना
विभागीय संस्थाओं के माध्यम से बिना हानि–लाभ के निर्धारित राजकीय मूल्य पर राजकीय कुक्कुट प्रक्षेत्र, बाबूगढ, गाजियाबाद से उन्नत किस्म के कुक्कुट चूजों का वितरण जनपद के कुक्कुट पालकों मे विभाग द्वारा किया जाता है ।
(9)उन्नत नस्ल के चारा बीजों के वितरण की योजना
इस योजना के अन्तर्गत प्रदेश के विभागीय राजकीय कृषि प्रक्षेत्रों के राजकीय निर्धारित मूल्य पर उन्नत किस्म के चारा बीजों–जई, बरसीम, एम0पी0चरी, मक्का आदि बीजों को जनपद की राजकीय संस्थाओं पर क्रय मूल्य पर ही बिना लाभ हानि के पशु चिकित्साधिकारियों के माध्यम से वितरित किया जाता है । जिससे जनपद के पशु पालकों के पशुओं को हरा चारा मिल सके ।
(10)सूकर विकास योजना
इस योजना के अन्तर्गत गरीबी के रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले पशु पालकों के समूह गठित किये जाते हैं तथा उन्हें विभाग द्वारा षत प्रतिशत अनुदान की राशि उपलब्ध कराकर लाभान्वित किया जाता है ।
5–पशु पालन विभाग उत्तर प्रदेश के निर्देशानुसार जन सामान्य से सम्बन्धित स्वरोजगार योजनान्तर्गत अभ्यर्थियों को उनकी शैक्षिक योग्यतानुसार निम्न प्रशिक्षण के लिये प्रार्थना पत्रों को प्रकाशित कर प्रशिक्षण दिलाया जा रहा है –
(1)सूकर विकास प्रशिक्षण
(अ)शैक्षिक योग्यता–लिखना पढना जानता हो
(ब)प्रशिक्षण अवधि–10 दिन
(स)प्रशिक्षण का स्थान–सी0डी0एफ0, अलीगढ (उ0प्र0)
(द)अभ्युक्ति–अभ्यर्थी निम्न प्रारूप पर अपना विवरण मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, विकास भवन, मुजफरनगर के कार्यालय मे भेजेंगे तथा इस स्तर से उनके प्रार्थना पत्र, जिस पर पासपोर्ट साइज का फोटो चस्पा हो को निदेशक, पशु पालन विभाग, उ0प्र0, लखनऊ स्तर से प्रशिक्षण हेतु प्रदेश स्तर की सूची तैयार कर सी0डी0एफ0, अलीगढ को 10 दिवसीय प्रशिक्षण के लिये भेजा जायेगा । प्रशिक्षण उपरान्त अपने धन से अभ्यर्थी अपना व्यवसाय चला सकता है । ऋण की विभाग द्वारा कोई सुविधा उपलब्ध नही है। प्रशिक्षण अवधि मे अभ्यर्थी व्यय स्वयं वहन करेगा ।
प्रार्थना पत्र का प्रारूप
पशु पालन विभाग, उत्तर प्रदेश, लखनऊ द्वारा संचालित सूकर पालन प्रशिक्षण हेतु
1– नाम :–––––––––––––––––––––––––––––––– अपना पासपोर्ट
2– पिता का नाम :–––––––––––––––––––––––– फोटो यहॉ
3– जाति :– ( ) चिपकायें
अ– अनुसूचित जाति/जनजाति :–
ब– पिछडा वर्ग/सामान्य वर्ग :–
स– (सक्षम अधिकारी से प्राप्त चरित्र प्रमाण–पत्र की प्रति संलग्न करें)
4– जन्म तिथि ( )
5– शैक्षिक योग्यता :–––––––––––––––––––––––––––––––––––––––
6– स्थायी पता :–––––––––––––––––––––––––––––––––––––––––
7– पत्र व्यवहार का पता :––––––––––––––––––––––––––––––––––––
8– प्रशिक्षण प्राप्त करने का उद्देश्य :–
9– पासपोर्ट साईज का फोटो यथा स्थान पर ही चिपकायें ।
10– अन्य विवरण यदि हो तो लिखें ( )
11– क्या आप बेरोजगार हैं– हाँ, नहीं, ( )
दिनांक :–
आवेदक के हस्ताक्षर
(2)कुक्कुट विकास प्रशिक्षण
(अ)शैक्षिकयोग्यता–लिखना पढना जानता हो
(ब)प्रशिक्षण अवधि–10 दिन
(स)प्रशिक्षण का स्थान– अनुसंधान अधिकारी, राजकीय कुक्कुट प्रक्षेत्र, बाबूगढ/हापुड (गाजियाबाद), उ0प्र0
(द)अभ्युक्ति–कुक्कुट विकास प्रशिक्षण के लिये अभ्यर्थी निम्न प्रारूप पर अपना विवरण मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, विकास भवन, मुजफरनगर के कार्यालय मे भेजेंगे तथा इस स्तर से प्रार्थना पत्र जिस पर पासपोर्ट साइज का फोटो चस्पा हो, को अनुसंधान अधिकारी, राजकीय कुक्कुट प्रक्षेत्र, बाबूगढ (गाजियाबाद) को भेजा जायेगा । प्रशिक्षण उपरान्त अपने धन से अभ्यर्थी अपना व्यवसाय चला सकता है । ऋण की विभाग द्वारा कोई सुविधा उपलब्ध नही है ।
प्रार्थना पत्र का प्रारूप
पशु पालन विभाग, उत्तर प्रदेश, लखनऊ द्वारा संचालित कुक्कुट पालन प्रशिक्षण हेतु
1– नाम :–––––––––––––––––––––––––––––––– अपना पासपोर्ट
2– पिता का नाम :–––––––––––––––––––––––– फोटो यहॉ
3– जाति :– ( ) चिपकायें
अ– अनुसूचित जाति/जनजाति :–
ब– पिछडा वर्ग/सामान्य वर्ग :–
स– (सक्षम अधिकारी से प्राप्त चरित्र प्रमाण–पत्र की प्रतिृ संलग्न करें)
4– जन्म तिथि ( )
5– शैक्षिक योग्यता :–––––––––––––––––––––––––––––––––––––––
6– स्थायी पता :–––––––––––––––––––––––––––––––––––––––––
7– पत्र व्यवहार का पता :––––––––––––––––––––––––––––––––––––
8– प्रशिक्षण प्राप्त करने का उद्देश्य :–
9– पासपोर्ट साईज का फोटो यथा स्थान पर ही चिपकायें ।
10– अन्य विवरण यदि हो तो लिखें( )
11– क्या आप बेरोजगार हैं– हाँ, नहीं, ( )
दिनांक :–
आवेदक के हस्ताक्षर
(3)पैरावेट्स प्रशिक्षण
(अ)शैक्षिक योग्यता– इण्टर जीव विज्ञान/कृशि विज्ञान उत्तीर्ण
(ब)प्रशिक्षण अवधि– 4 माह
(स)प्रशिक्षण का स्थान– जनपद मे राजकीय पशु चिकित्सालयों अथवा प्रदेश
अन्तर्गत स्वीकृत राजकीय पशुधन प्रसार अधिकारी प्रशिक्षण केन्द्र, लखनऊ अथवा जसाला (मुजफरनगर)
(द)अभ्युक्ति–उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशानुसार जनपद मे स्वरोजगार योजनान्तर्गत अभ्यर्थियों को उनकी षैक्षिक योग्यतानुसार प्रशिक्षण के लिये प्रार्थना पत्र को प्रकाशित कराकर प्रशिक्षण दिलाया जाता है । प्रशिक्षण के लिये अभ्यर्थी का चयन न्याय पंचायत के उन गाँवों से चयनित किया जाता है । जहाँ पर पूर्व मे कोई विभागीय संस्था न हो । चयनित अभ्यर्थी को 2 माह का सैद्धान्तिक प्रशिक्षण व 2 माह का व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया जाता है । 12 माह का प्रशिक्षण कार्य पशु चिकित्सालय पर जो गाँव के निकट हैं, पर दिया जायेगा । चयनित अभ्यर्थी को उसके प्रशिक्षण अवधि मे रू0 1500–00 प्रशिक्षण मानदेय का भुगतान दिया जायेगा । प्राथमिक चिकित्सा, टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान कार्य एवं बधियाकरण कार्य गाँव मे घर–घर जाकर चयनित अभ्यर्थियों द्वारा किया जायेगा । विभाग द्वारा पैरावेट्स को बिना लाभ–हानि के विभागीय क्रय दरों पर सीमन स्ट्राज व नाइट्रोजन उपलब्ध करायी जायेगी । एक वर्श के लिये उनको यह सामग्री नि:शुल्क उपलब्ध करायी जायेगी ।
प्रार्थना पत्र का प्रारूप
1– नाम :–––––––––––––––––––––––––––––––– अपना पासपोर्ट
2– पिता का नाम :–––––––––––––––––––––––– फोटो यहॉ चिपकायें
3– निवास का पता :–––––––––––––––––––––––––
अ– गाँव :
ब– न्याय पंचायत :
स– विकास खण्ड :
द– जनपद :
4– जन्म तिथि : ( )
5– शैक्षिक योग्यता :–––––––––––––––––––––––––––––––––––––––
6– जाति :––––––––––––––––––––––––––––––––––––––––––––
7– कार्यों मे रूचि :–––––––––––––––––––––––––––––––––––––––
दिनांक :–
आवेदक के हस्ताक्षर
पशु चिकित्साधिकारी खण्ड विकास अधिकारी ब्लाक प्रमुख
सदस्य सदस्य अध्यक्ष
नोट:– अभ्यर्थी प्रार्थना पत्र के साथ जन्म तिथि, शैक्षिक योग्यता, मूल निवास प्रमाण–पत्र एवं जाति प्रमाण पत्र की प्रमाणित छाया प्रति संलग्न करें ।
प्रमाण–पत्र
प्रमाणित किया जाता है कि अधोहस्ताक्षरित द्वारा उपलब्ध करायी गयी जानकारी विभागीय रिकार्ड के अनुसार त्रुटिरहित है । सी0डी0 मे दी गयी सूचना को जनपद की वेबसाइट पर प्रकाशित करा दिया जाये।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी
मुजफरनगर ।