विभाग
का नाम:– महिला कल्याण उ0प्र0
(कार्यालय जिला प्रोबेशन अधिकारी)
मुजफ्फरनगर।
विभागीय योजनाओं का विवरण
1.अपराधी परिवीक्षा अधिनियम–1958
जब कोई व्यक्ति ऐसा अपराध करने का दोषी पाया जाता है जो मृत्यु या आजीवन
कारावास से दण्डनीय नहीं है तो मामले की परिस्थितियों को देखते हुए जिसके
अन्तर्गत अपराध की प्रकृति और अपराधी का चरित्र भी है को ध्यान में रखते
हुए न्यायालय उसे कारागार का दण्ड देने के बजाय अधिक से अधिक तीन वर्ष के
लिए जमानत प्रस्तुत करने पर अथवा केवल व्यक्तिगत बन्ध पत्र प्रस्तुत करने
पर सदाचरण बनाये रखने के लिए परिवीक्षा पर मुक्त करता है। जमानत प्रपत्र
जिला प्रोबेशन अधिकारी के माध्यम से न्यायालय में प्रस्तुत किये जाते हैं
परिवीक्षाधीन व्यक्तियों का जिला प्रोबेशन अधिकारी द्वारा कार्यालय बुलाकर
तथा उसके निवास स्थान पर जाकर उसकी अपराधिक स्थिति का आंकलन किया जाता है
तथा उसके व्यवसाय आदि का परीक्षण कर परिवीक्षाधीन व्यक्तियों को पुनर्वासन
अनुदान दिया जाता है।
न्यायालय किसी अपराध के लिए उस व्यक्ति की पारिवारिक, सामाजिक स्थिति तथा
उसके अपराधिक तथ्यों के सम्बन्ध में जिला परिवीक्षा अधिकारी से जांच आख्या
प्राप्त करता है।
आजीवन कारावास अथवा अन्य सीमा तक वे बन्दी कारागार में सजा काट रहे हैं।
उनको खेती–बाडी की व्यवस्था करने, परिवार के सदस्यों की बीमारी की चिकित्सा
हेतु, पुत्र/पुत्री की शादी की व्यवस्था हेतु तथा अन्य पारिवारिक समस्याओं
के निदान हेतु पैरोल दिये जाने का प्राविधान है। पैरोल स्वीकृति के सम्बद्ध
में आख्या शासन को भेजना तथा सजा की अवधि पूर्व मुक्ति हेतु दयायाचिका,
फार्म ‘‘ए’’ एवं नोमिनल रोल आदि पर वांछित आख्या जिलाधिकारी के माध्यम से
शासन को उपलब्ध करायी जाती है।
2.पति की मृत्युपरान्त निराधित महिला पेंशन (विधवा पेंशन)
पति की मृत्युपरान्त निराश्रित महिलाओं को सहायक अनुदान (विधवा पेंशन)
भोजनान्तर्गत जो निराश्रित महिलाएं गरीबी रेखा की श्रेणी में आती है तथा
जिनके बच्चें नाबालिग हो अथवा व्यस्क पुत्र उसका भरण पोषण करने में असमर्थ
हो को रूपये 300.00 प्रति माह पेंशन दिये जाने का प्राविधान है। ग्रामीण
क्षेत्र में रहने वाली महिलाओं की ग्राम सभा की खुली बैठक में प्रस्ताव
पारित कर पेंशन स्वीकृत की जाती है तथा नगरीय क्षेत्र में निवास कर रही
महिलाओं को सम्बन्धित तहसीदार की आख्या के आधार पर पेंशन स्वीकृत की जाती
है।
3.विधवा से विवाह करने पर दम्पत्ति पुरूष्कार अनुदान
35 वर्ष से कम आयु की विधवा से विवाह करने पर दम्पत्ति को रूपये 11000.00
का दम्पत्ति पुरूष्कार अनुदान दिया जाता है। दम्पत्ति पुरूष्कार अनुदान
प्राप्त करने हेतु विवाह की तिथि से एक वर्ष के अन्दर आवेदन करना आवश्यक
है।
4.दहेज से पीडित महिलाओं को आर्थिक/कानूनी सहायता
गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाली दहेज से पीडित महिलाओं को रूपये
125.00 प्रतिमाह भरण पोषण अनुदान तथा वाद की पैरवी हेतु रूपये 2500.00 की
एक मुश्त सहायता दी जाती है।
5.किशोर न्याय अधिनियम 2000
ऐसे किशोर जिनकी आयु 9 से 18 वर्ष तक हो जिनके विरूद्ध आई0पी0सी0 की धाराओं
के अन्तर्गत अपराधिक मामले विचाराधीन हो की सुरक्षा व्यवस्था हेतु जनपद में
राजकीय सम्प्रेक्षण गृह आवासीय संस्था संचालित है।
6.दहेज प्रतिषेध अधिनियम 1961
जब किसी व्यक्ति अथवा परिवार द्वारा दहेज उत्पीडन के सम्बन्ध में कोई
शिकायत की जाती है तो जिला दहेज प्रतिषेध अधिकारी/जिला प्रोबेशन अधिकारी
द्वारा उसकी जांच की जाती है तथा जांच आख्या सम्बन्धित न्यायालय में
प्रेषित की जाती है।
कार्यालय का पता :–जिला प्रोबेशन अधिकारी, कलेक्ट्रेट कम्पाउण्ड, मु0नगर
टेलीफोन नं0:–0131–2420522
विभागाध्यक्ष :–निदेशक महिला कल्याण, उ0प्र0
द्वारा
(एच0के0 शर्मा)
जिला प्रोबेशन अधिकारी
मुजफ्फरनगर
NAME OF THE
DEPARTMENT WOMEN WELFARE
(Distt. Probation Officer)
Muzaffar Nagar
BRIEF DESCRIPTION AND OBJECTIVE OF
THE DEPARTMENT.
1. OFFENDERS
PROBATION'S ACT 1958
When a person commits an
ofence which is punishable less than sentence of death or life
inprisonment than keeping in the view the nature, circumstance of
offence, the character of offender, the court may release him on a
personal bond or on assurance for maintaining the good character.
Surety bonds are roduced in the court through the District Probation
Officer from time to time. The rehabilitation of offender are made by
D.P.O. after variouis investigations.
The Court calls the reports
about offender related to his age, social status family position,
criminal history from District Progbation Officer. District Magistrates
bears the responsibility to provide the reports of offender to the State
Govt. The reports are comprising of the offenders family problem,
Medical Aid, Marriages of his sons and daughters and his agriculture
position. District Probation Officer may also recommend the State
Government through District Moagistrate for the premature release of the
ground of Mercy & these reports are also made available on
form-A/Nominal Role.
2-
WIDOW PENSION
The widows with minor
children having the her Income umder poverty line may be given a monthly
pension of Rs. 300/- per month.
3-
THE COUPLE AID FOR PERSONS WHO MARRY THE WIDOW
An amount of Rs. 11,000/- is provided as
the couple Aid to person who marries a widow under 35 years for this
aid, it is mecessary to apply within one year of the marriage.
4-
THE DOWRY AGGRIEVED LADIES WILL GET FINANCIAL OR LEGAL AID
The aggrieved ladies who are living
under poverty line will get Rs. 125/- per month as for the liyelihood.
Such type of women will also be given Rs. 2500/- for court pursuance
this. aid will be given at one time.
5-
JUVENILE JUSTICE ACT 2000
Non
delinquent/delinquent/under trail I.P.C. cases adolescents in the age
group of 9 to 18 years are eligible to reside in Govt. Observation home.
6-
DOWRY PROHIBITION ACT 1961
An investigation will be
made by District Dowry Prohibition Officer, when any person or fanmily
lodges a complaint against dowry torture and investigation report will
be sent to the concerning court.
LOCATION (ADDRESS);
DISTRICT PROBATION OFFICE,
COLLECTORATE COMPOUND
MUZAFFARNAGAR
PHONE NO.:-
0131-2420522
HEAD OF THE DEPARTMENT:- DIRECTOR WOMEN WELFARE DEPTT. U.P.
By
(H.K. Sharma)
Distt. Probation Officer
Muzaffarnagr
दावात्याग:(Disclaimer)
एन0आई0सी0 मुजफ्फरनगर इस वेबपृष्ठ पर प्रकाशित गलती के लिये जिम्मेदार नहीं है । इस वेबपृष्ठ पर
दी गयी सामग्री एवं तथ्यों का उपयोग विधिक उददेश्य हेतु नहीं किया जा सकता।अधिक
जानकारी के लिये सम्बन्धित विभाग से सम्पर्क करें ।